थकी हुई आँखें सोती नहीं है कभी ...
सुकून की नींद के काबिल होते नहीं सभी ...
जब सांसद संसद में आतें हैं तो बस ये हिसाब किताब करके की आज कितने बजे सोना है कितनी देर सोना है , या फिर आज किस मुद्दे पर हंगामा हो और फिर हम यहाँ से जल्दी सरक के कौन सी फिल्म देखें या फिर किस जगह खाना खाने जाएँ .